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Sunil #56
स्पाईचक्र
अपने मिशन के तहत सुनील को काहिरा के एक बैंक में डाका डालना था । लेकिन मिशन के दूसरे चरण तक आते-आते हालात ने ऐसी करवट बदली कि एक बार फिर उसने खुद को एक अनजान देश में दुश्मनों से घिरा पाया । एस्पियानेज के कुचक्र में लिप्त सीक्रेट एजेंट्स के घात और प्रतिघात की अविस्मरणीय कहानी ।
127 pages, Kindle Edition
First published September 1, 1975
About the author
Surender Mohan Pathak
335 books398 followersSurender Mohan Pathak, is an author of Hindi-language crime fiction with 314 books to his credit. His major characters are Crime reporter Sunil (unprecedented 123 Titles), Vimal (46 Titles) and Philosopher Detective Sudhir (23 titles). Apart from series, he has written 60+ Novels in thriller category.
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Community Reviews
Displaying 1 - 1 of 1 review
July 15, 2022
4/5 stars
पर्सनली मैने स्पाई थ्रीलर कहानियां बेहद कम पढ़ी है, इस उपन्यास में भारत के स्पाई एजेंट्स की मौत और पूरा स्पॉइंज सिस्टम के बिगड़ने को लेकर अच्छा प्रयास किया गया है.
प्रस्तुत किताब में सुनील का डकैती करके खुद को पकड़वाना, लंगड़ा अलविसा को जेल से भगाने के दृश्य वाक़ई दमदार है. अंत में मुझे समझ नहीं आया की शास्त्री को गुप्त मीटिंग की जिम्मेदारी कैसे मिली.... सच कहूँ तो उपन्यास पठनीय है 🤟🏽🤟🏽🤟🏽
पर्सनली मैने स्पाई थ्रीलर कहानियां बेहद कम पढ़ी है, इस उपन्यास में भारत के स्पाई एजेंट्स की मौत और पूरा स्पॉइंज सिस्टम के बिगड़ने को लेकर अच्छा प्रयास किया गया है.
प्रस्तुत किताब में सुनील का डकैती करके खुद को पकड़वाना, लंगड़ा अलविसा को जेल से भगाने के दृश्य वाक़ई दमदार है. अंत में मुझे समझ नहीं आया की शास्त्री को गुप्त मीटिंग की जिम्मेदारी कैसे मिली.... सच कहूँ तो उपन्यास पठनीय है 🤟🏽🤟🏽🤟🏽
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