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సుఖద

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A literary or philosophical work focusing on the theme of bliss and peace.

354 pages, Paperback

Published January 1, 1957

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Profile Image for विकास 'अंजान'.
Author 9 books44 followers
August 1, 2023
सुखदा बीमार है और पहाड़ों में जाकर स्वास्थ्य लाभ पा रही है। वह अकेली है और वक्त काटने के लिए अपनी कहानी लिखने का फैसला करती है। अपनी कहानी जिसमें वह यह बताती है कि क्यों सुखदा अपने पति से आखिरकार अलग हुई। ऐसा क्या हुआ जिसने उनके बीच इतनी दूरी पैदा कर दी की कि वह अब यह भी नहीं चाहती है कि उसके पति उससे कोई संपर्क रखे।
मुख्य तौर पर कहानी ऐसे युगल की है जिसमें पति और पत्नी की एक दूसरे से कुछ आकांक्षाएं थी। पत्नी चाहती थी कि पति उस पर अधिकार भाव रखे लेकिन पति अपने स्वभाव के अनुसार उसे जो वो चाहे करने की आजादी देता है। यह बात पत्नी को खलती है पर वह अपने अंदर के भाव पति से साझा नहीं कर पाती है और उनके बीच की दूरी ऐसे में बढ़ती चली जाती है।
विस्तृत तौर पर बाद में कभी।
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