रात से कौन नहीं डरता। और जब आपको पता हो कि रात के अंधेरे में कोई ख़ूँख़ार क़ातिल घूमता है तो रात और ज़्यादा भयानक बन जाती है। पदमिनी जब काम करते करते ऑफ़िस में लेट हो जाती है तो उसने ज़रा भी नहीं सोचा था कि ऑफ़िस में देर तक रुकना उसे भारी पड़ जाएगा। जब वो ऑफ़िस से निकलती है सड़कें सुनसान होती हैं। वो डर रही है कि कहीं उस क़ातिल से सामना ना हो जाए जो देहरादून में साइको किलर के नाम से फ़ेमस हो चुका है। रात अंधेरी है और वो अकेली सड़क पर अपनी कार में घर की तरफ़ बढ़ रही है। अचानक उसे सड़क पर एक साया दिखाई देता है। बस यहीं से ये कहानी शुरू हो जाती है। कौन है ये साया? और वो इस वक़्त रात में सड़क पर क्या कर रहा है? ये सवाल उन सवालों के आगे कुछ भी नहीं जो आप इस कहानी को पढ़ते हुए महसूस करेंगे। तí