Jump to ratings and reviews
Rate this book

बुद्धिजीवियों का षडयंत्र

Rate this book
मेरा आपसे विनम्र आग्रह है कि इसे किसी दुराग्रह से प्रेरित होकर नहीं देखें। समाज का जो सच है और जिसे मध्यकालीन समय में जब भारतीय सत्ता मुगलों और अंग्रेजों के अधीन थी, उस समय कैसे-कैसे षड़यंत्र के तहत भारतीय सामाजिक व्यवस्था को मटियामेट कर दिया गया। मैंने उस समय की व्यवस्था को नष्ट-भ्रष्ट करने वालों के ऊपर लिखने का प्रयास किया हूँ। इसमें किसी का व्यक्तिगत दिल दुखाने का चेष्टा मेरा नहीं है, फिर भी अगर किसी का मनःस्थिति इस किताब से दुखित होता है तो उसके लिए मैं क्षमा प्रार्थी हूँ। इसे जल्दीबाजी में ना पढ़ें, धैर्य रखें, पढ़ते समय शांतचित रहें, थोड़ा पढ़ें और उस पर ज्यादा विचार करें। जैसे-जैसे आप पढ़ते जायेंगे, आपके सामने उस समय में समाज के बुद्धिजीवियों की घोर साजिश आपके सामने आती जायेगी। आप

151 pages, Kindle Edition

Published October 7, 2020

8 people are currently reading
50 people want to read

About the author

Rajeev Patel

10 books25 followers

Ratings & Reviews

What do you think?
Rate this book

Friends & Following

Create a free account to discover what your friends think of this book!

Community Reviews

5 stars
11 (84%)
4 stars
0 (0%)
3 stars
2 (15%)
2 stars
0 (0%)
1 star
0 (0%)
Displaying 1 - 2 of 2 reviews
Displaying 1 - 2 of 2 reviews

Can't find what you're looking for?

Get help and learn more about the design.