यह कहानी है एक लड़की नेहा की, जो अपनी जिंदगी की उथल-पुथल से कुछ न कुछ सीखती जाती है। अपने जीवन में घटित घटनाओं का विश्लेषण करते हुए और इन सबके बीच अपनी जिंदगी का मकसद तलाशती हुई नेहा की यह कहानी यूँ तो एक आम मजेदार कहानी सी लगती है, लेकिन यदि आप इन घटनाओं पर थोड़ा गौर करेंगे तो ये आपको गहन चिंतन-मनन के लिए बाध्य कर देंगी। ये दिलचस्प घटनाएं इंसानी सम्बन्धों के अबूझ ताने-बाने को समझने का एक प्रयास भर हैं। कुछ बहुत गहरी बातों को बेहद मनोरंजक कहानी में पिरो दिया गया है। इन घटनाओं से नेहा ने बहुत कुछ सीखा। जीने और मरने का सही तरीका सीखा। पाठक नेहा और भीकन के विचारों से सहमत या असहमत हो सकते हैं, लेकिन इन विचारों को नजरअंदाज करना बहुत मुश्किल है। राहुल के अजीब तर्क आपको गुदगुदा सकते हैं तो आपके कुछ ê
Very thoughtful book. It creates a very positive thought process for readers and probably will be able to guide oneself at difficult times. Thanks for such a nice book!!