बाली : कैलाश रहस्य लेखक – देवेन्द्र पाण्डेय एक खोज उस प्राचीन नगरी के रहस्य को जानने की जो कैलाश की प्रतिकृति थी। जब उस रहस्य का खुलासा हुआ तो उस के साथ सामने आयी कुछ ऐसी सुप्त शक्तियां जिनका सुप्त रहना ही समस्त संसार के लिये उचित था। एक युगों पुरानी प्रजाति, जिसके नाश के लिये स्वयं ईश्वर को आना पडा। वर्तमान संसार अब रणक्षेत्र बन चुका है। प्राचीन पौराणिक आसुरी शक्तियों एवं वर्तमान युग के सर्वनाश के मध्य केवल एक योद्धा खड़ा था, वह जो इस सर्वनाश को रोक सकता था। एक शक्ति, अमर शत्रु, और वह युद्ध जो सुनिश्चित करेगा हमारा वर्तमान।
The second part is also very interesting and keep the reader attentive all the time. Nice initiative by the author for giving the much due credit to Indian art and architecture along with the history which is now termed as mythology by most.