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Ja Chudail

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अपनी नीरस और बोझिल जिंदगी से परेशान प्रीतम के पास दोस्त के नाम पर केवल केशव था, केशव जो अपनी ही अजीबोगरीब दुनिया में खोया रहता था। रोजमर्रा की इस बेमकसद जिंदगी में उन्हें किसी रोमांच की तलाश थी। और एक दिन मुम्बई की बरसात में वह मिली। अजीब, रहस्यमय और बला की खूबसूरत। लेकिन उनकी जिंदगी में आने वाली वह अकेली नही थी, उसके साथ आई थी कुछ अनचाही अनजानी मुसीबतें। वह कहते है ना इश्क का भूत सिर चढ़ कर बोलता है। लेकिन यहां तो इश्क वाकई भूत बना हुआ था। माईथोलॉजी, प्रेम, आदि जैसे विषयों पर लिखने वाले लेखक देवेन्द्र पाण्डेय इस बार लेकर आए हैं ‘हॉरर रोमांटिक कॉमेडी’ (Horror RomCom) नाम की विधा की हिन्दी की पहली पुस्तक ।

161 pages, Kindle Edition

Published April 9, 2021

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Devendra Pandey

22 books2 followers

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Community Reviews

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Displaying 1 - 5 of 5 reviews
Profile Image for Suresh Sharma.
23 reviews
May 9, 2021
हॉरर और कॉमेडी का लाज़वाब तड़का

हॉरर उपन्यास, जिसमें लव और कॉमेडी का भरपूर तड़का डाला हुआ है। जब जब ज्यादा डर लगने लगता है तब तब कॉमेडी आकर सारा डर दूर कर देता है। बहुत ही लाजवाब उपन्यास।
Profile Image for Sameer Mehra.
237 reviews2 followers
November 8, 2021
4/5 stars

ये एक अलग तरह का हॉरर उपन्यास है, इसको thriller हॉरर कहें तो ज्यादा बेहतर होग़ा. लेकिन मुंबई में बारिश वाले scene कम किये जा सकते थे, बीच में "जब वी मीट" फ़िल्म की याद आ गई थी, लेखक ने काफी अच्छा content दिया है 🥰🥰🥰
Profile Image for Vishwas Jagrawal.
4 reviews
May 17, 2022
Awesome

मजा आ गया ये उपन्यास पढ़ कर, कहानी लिखने का तरीका काफी नया है लेखक का। इंग्लिश फिक्शन उपन्यासों को टक्कर मिल रही है जो की हिंदी के लिए अच्छी बात है। हिंदी लेखकों के कार्यों की सराहना आवश्यक है ताकी ऐसे मजेदार उपन्यास निरंतर पढ़ने को मिलते रहें।
4 reviews
April 27, 2022
अजब प्रेम की हाॅरर कहानी

उसका चेहरा मेरे चेहरे के एकदम समीप था, उसने अपना मुंह खोला मैं भय से उसे देखते रहा और उसके बाद जो हुआ उसने मेरे छक्के छुड़ा दिए, उसके मुंह से एक विशालकाय अजगरनुमा कनखजूरा निकला, अपने सैकड़ों पैरों को लपलपाता हुआ वह विशालकाय कनखजूरा मेरे चेहरे के सामने आकर रुक गया, वह मात्र दो इंच की दूरी पर आकर रुका था, उसके पैरों के मध्य होती घिनौनी और डरावनी सरसराहट मेरे कानों में गूंज रही थी, मैंने आँखें बंद कर ली लेकिन कनखजूरे के पैरों को अपने चेहरे पर महसूस करते ही मेरी आँखें फट से खुली। और उसी के साथ वह कनखजूरा मेरे मुंह से आ चिपटा।
यह है एक 'अजब प्रेम की हाॅरर कहानी'।
जहाँ प्यार है, पर प्यार के बीच एक भूत है।
तो जब प्यार का भूत सिर चढा तो असली भूत कहां ठहरने वाला था।

Profile Image for Pooja.
175 reviews
July 20, 2021
यह एक बहुत ही मनोरंजक कहानी है। लेखक ने इसे इस प्रकार लिखा है कि कहानी एक पल को डराती है तो एक पल में गुदगुदा जाती है। कहानी की किसी भाग में बोरियत नहीं महसूस होती। चूंकि कहानी बेहद सरल है लेकिन हंसाने की बहुत क्षमता है। कहानी पढ़ते समय मैंने डर भी महसूस किया और खूब हंसी भी हूं। मगर ये बात अलग है की प्रेम कहानी इसमें कहीं फिकीं सी लगती है। वहीं कहानी का एक भाग बहुत मार्मिक है जहां कहानी भूतकाल में जाती है। सोनल का किरदार कभी डराता है तो कभी उसके लिए दया की भावना उत्पन्न होती है। केशव का किरदार कहानी में बहुत ही हास्यपद्र है। कहानी को सहज हिंदी में लिखा गया है जिसे पढ़ने में कोई कठिनाई नहीं होती। रोमांस, कॉमेडी और हॉरर का यह तड़का पढ़ने योग्य है।
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