यह छोटी सी कहानी है, जो सरपंची चुनावों पर लिखी गई है, जे एक आंचलिक कहानी है, जिसका मुख्य पात्र निमेष है, जो तेईस वर्ष का है, वह चुनावों में पर्चा भर देता है।
मुझे इस कहानी से पहले कभी भी पता नहीं था, कि सरपंची के चुनाव किसे होते है , सरपंची के भ्रष्टाचार को जानकर तो समझ में आता है कि जब छोटे लेवल पर इतनी अंधी है, तो बहे लेवल पर क्या होता होगा? अंकित जी आप ने जो गाँव की भाषा का प्रयोग किया है, वह बाड़िया है, पर कहीं कहीं बड़ी ही खासाक भाषा आ जाती है, जिसे समझने में काफी देर लग जाती है । पर कहानी दमदार थी, आपसे सिर्फ एक अपील है कि आप उपन्यास लेखन में भी आंचलिक भाषा का प्रयोग करें । धन्यवाद