लेखक की कलम से: माया सभ्यता अमेरिका की सबसे प्राचीन सभ्यताओं में गिनी जाती है, जिसके प्राप्त अवशेषों में भगवान शिव, गणेश और नरसिंह आदि देवताओं की मूर्तियां प्रचुर मात्रा में पायी गयी हैं। भारतवर्ष से इतनी दूर आखिर कैसे हिंदू सभ्यता विकसित हुई? यह आज भी रहस्य बना हुआ है। कुछ पुरातत्वविद् माया सभ्यता का सम्बन्ध दैत्यराज मयासुर से जोड़ते हैं। मयासुर, एक ऐसा दैत्य, जिसे उसके अद्भुत निर्माणकार्य के लिये देवताओं ने भी सराहा। तारकासुर के समय में ‘त्रिपुरा’नामक 3 भव्य नगरों का निर्माण, दैत्यराज वृषपर्वन के लिये बिंदुसरोवर के निकट अद्भुत सभाकक्ष का निर्माण, रामायणकाल में रावण के लिये सोने की लंका का निर्माण एवं महाभारतकाल में पांडवों के लिये, खांडवप्रस्थ के वन में अकल्पनीय इन्द्रप्र&
Superb. I had seen this book series in kindle before six month but ignore. Now after reading third part mayavan, i can say this series is going to be one of the best in hindi fiction. Excellent series. Carry on suryavanshiji. Uresh shah