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Raakh : The Ash Trail

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राख लेखक – जितेन्द्र नाथ प्रेम नगर में एक के बाद एक होती हुई मौत की अबूझ पहेली के चक्रव्यूह में उलझा हुआ था इंस्पेक्टर रणवीर कालीरमण, जिसे सबूत के नाम पर हासिल थी सिर्फ ‘राख’ । एक ऐसी कहानी जिसमें मौत के नाच के बीच दबा था एक ऐसा अनसुलझा रहस्य जिसका अंदाजा किसी को भी नहीं था । जुर्म और सबूतों के बीच कशमकश की रोमांचक दास्तान ‘राख’ ।

193 pages, Kindle Edition

Published April 24, 2021

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Jitender Nath

7 books1 follower

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Displaying 1 - 3 of 3 reviews
22 reviews1 follower
May 22, 2021
अच्छी कहानी पर

'राख' उपन्यास कथानक के तौर पर बहुत अच्छा है, पर उपन्यास में इन्वेस्टिगेशन और भारी भरकम पुलिस जांच और डाक्टर रिपोर्ट की वजह से बोझल हो गया।
लेखक महोदय को बीच में‌ हल्के पल रखने थे जो पाठक को नीरस होने से बचाते।
अगर आप शुद्ध मर्डर मिस्ट्री पढना चाहते ह तो उपन्यास ठीक लगेगा।
धन्यवाद।
Profile Image for Sameer Mehra.
237 reviews2 followers
December 27, 2021
3/5 stars

कहानी पढ़कर साफ-साफ पता चलता है की लेखक कोई वाक़ई पुलिस इन्वेस्टीगेशन औऱ उनके तौर तरीको की काफी जानकारी हैं. कहानी भी अच्छी हैं लेकिन detailing बहुत ही ज्यादा हो गई जिससे entertaining factor प्रभावित होता हैं, उम्मीद हैं की अगली बार ध्यान देंगे औऱ इन्वेस्टीगेशन ज्यादा ना दिखाए.
2 reviews
June 9, 2021
शानदार

कुछ खास विषयों पर लेखक की जानकारी काबिले तारीफ है। इन्वेस्टिगेशन को रियल दिखाने के चक्कर में कहानी थोड़ी स्लो हो गई है, लेकिन बढ़िया है। रहस्यमयी है। इंसपेक्टर कालीरमन का किरदार सबसे ज्यादा आखिर में पसंद आता है। क्लाइमेक्स बढ़िया है।
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