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Bioscope : Gaon Kasbe aur Janpad ki Kahaniyan

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जरायमपेशा की जुड़वां बेटियां ... एक बार यूं हुआ कि एक जरायमपेशा के घर खाना खाने का मुझको अवसर मिला! यों उनसे मेरी सीधी पहचान न थी। ये और बात है कि जो मित्र मुझे उनके यहां ले गए थे, वे ख़ुद कोई कमख़ुदा न थे। दरअस्ल उन दोनों की तो नामीगिरामी जोड़ी थी, जैसे रंगा और बिल्ला। कहा जाता कि ये दोनों अगर एक साथ निकल जाएं तो पंद्रह मिनट में पूरा फ्रीगंज बंद करवा दें। उज्जैन में नए शहर का इलाक़ा फ्रीगंज कहलाता है। किंतु कालांतर में यों हुआ कि एक जरायमपेशा ने ग़ुंडागर्दी से तौबा कर ली और दूसरे ने अपना काम जारी रखा। जिन्होंने गुंडई से तौबा की वे ख़बरनवीस बन गए। अख़बार में नौकरी करने लगे। अपराध की दुनिया की बारीक़ से बारीक़ जानकारी होने और हवलदार-बहादुरों से आए दिनों की दुआ-सलाम के चलते उनको उसी अख़बार में

139 pages, Paperback

Published January 1, 2020

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Sushobhit

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