''मुगले आजम : अफसाने के हकीकत बनने की कहानी'' भारतीय सिनेमा की महानतम और भव्यतम फिल्म ''मुगले आजम'' की विभिन्न् रोचक पहलुओं को सामने लाने वाली हिन्दी की पहली पुस्तक है। यह फिल्म भारतीय सिनेमा के गौरवमयी इतिहास का मील का पत्थर है। फिल्म जब रिलीज हुई, तो दर्शकों ने भी के. आसिफ की मेहनत से बनाई गई ‘मुगले आज़म’ को सिर आंखों पर बिठा लिया। देश के 150 सिनेमाघरों में ‘मुगले आज़म’ रिलीज हुई और इसने 100 सप्ताह तक चलने का कीर्तिमान बनाया। 1970 में आई ‘शोले’ से पहले तक ‘मुगले आज़म’ ही बॉलीवुड की सबसे कामयाब फिल्म थी और आज भी यह भारतीय सिनेमा की दूसरी सबसे कामयाब फिल्म है। आज 67 साल से अधिक का समय गुजर जाने के बाद भी ‘मुगले आज़म’ करोड़ों हिंदुस्तानियों के दिलों में बसी हुई है। महान फिल्मों की यही पहचान होती है कि वे कभी भी