राम कथा सितारों से सुनिए प्रभु श्रीराम के जन्म से लेकर राम-रावण युद्ध एवं उनकी वापसी, तथा उत्तर रामायण के प्रसंगों को वैज्ञानिक तरीके से प्लैनेटेरियम/ स्टेलेरियम सॉफ्टवेयर का प्रयोग करते हुए तिथियों का निर्धारण करती है।
इस पुस्तक में वाल्मीकि रामायण में वर्णित महत्त्वपूर्ण घटनाक्रमों के समय ग्रहों की स्थितियों का अध्ययन कर के, उन्हें आधुनिक सॉफ्टवेयर में डाल कर, उनकी आज के तिथियों के अनुसार निर्धारण किया गया है।
यह पुस्तक सरोज बाला जी की लोकप्रिय पुस्तक रामायण की कहानी, विज्ञान की जुबानी का एक लघु रूप है। इसमें उच्च कोटि के रंगीन चित्रों के माध्यम से रामायण की महत्त्वपूर्ण घटनाओं के समय आकाश कैसा दिख रहा था, दर्शाया गया है। पाठक ये जान सकेंगे की श्रीराम का जन्म, 5114 वर्ष ई. पू. में चैत्र मास शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को हुआ। वे ये भी देख सकेंगे कि उस समय अयोध्या के ऊपर आकाश कैसा दिख रहा था।
ये पुस्तक अपने इतिहास को जानने और तिथि निर्धारण की दिशा में किए गए गहन शोध पर आधारित एक अप्रतिम प्रयास है।