मेरी माँ जो हमेशा अपने आप को खुश दिखाने की कोशिश करती थी लेकिन वो अंदर से बहुत बीमार थी। दोस्तों, ऐसा अक्सर होता है जब तक कोई अपना अपनी समस्या को नहीं बतलाता हम उसके हँसी के पीछे छिपे दर्द को देखने की कोशिश में नहीं करते है और हमे माँ के लिए तो लगता है की उन्हें कोई समस्या हो ही नहीं सकती। खैर, मैं भागा-भागा हॉस्पिटल पहुँचा। जहाँ मेरे पापा हॉस्पिटल के बेंच पर बैठे रो रहे थे। उनको रोता देख तो मेरी धड़कन ही बढ़ गई लेकिन तभी मेरी नजर माँ पर पड़ी जो मुझे मुस्कुरा कर देखें जा रही थी।