पुस्तक परिचय - लेखक की कलम से "इंतकाम" इस उपन्यास का शीर्षक “इंतकाम” के सिवाय और कुछ भी नहीं हो सकता था। जैसा कि शीर्षक से ही जाहिर है, ये कहानी है एक अभूतपूर्व इंतकाम की जो जैसे जैसे आगे बढ़ती जाएगी, अपने साथ आप को भी उलझाती चली जाएगी। रहस्य और रोमांच से भरी ये अनोखी कहानी हर कदम पर एक नया मोड़ लेती जाएगी और शायद आप के लगाए गए अंदाजों को गलत साबित करती जाएगी।जैसा कि आम तौर पर मेरी कहानियों में होता है, हकीकत पर रहस्यों का जाल कुछ इस तरह बुना गया है कि जब रहस्यों पर से एक एक करके पर्दा उठना शुरू होगा तो आप अवश्य ही चौंक जायेंगे। जिस विषय पर मैंने ये कहानी लिखी है, मैं ये दावा कतई नहीं करता कि इस से पहले इस विषय पर किसी ने कुछ नहीं लिखा है। मैं स्वयं मानता हूँ कि ये विषय अनोखा नहीं है, मगर इस विषय पर &