इस उपन्यास का शीर्षक “जा को राखे ….” ही अपने आप में आप को ये बताने में सक्षम है कि जो कथानक आप पढ़ने जा रहे हैं, वो किस धारणा पर लिखा गया है।मैं यकीन के साथ कह सकता हूँ कि विषय सामान्य होने बावजूद भी मैंने इस कथानक को कुछ इस तरह लिखा है कि हर जगह आप को मेरी कहानी में एक नया-पन लगेगा। एक अभूतपूर्व इंतकाम की ये कहानी जैसे जैसे आगे बढ़ती जाएगी, अपने साथ आप को भी उलझाती चली जाएगी। रहस्य और रोमांच से भरी ये अनोखी कहानी हर कदम पर एक नया मोड़ लेती जाएगी और हर कदम पर शायद आप के लगाए गए अंदाजों को गलत साबित करती जाएगी।जैसा कि आम तौर पर मेरी कहानियों में होता है, इस उपन्यास में भी रहस्यों का जाल कुछ इस तरह बुना गया है कि जब रहस्यों पर से एक एक करके पर्दा उठना शुरू होगा तो आप अवश्य ही चौंक जायेंगे।जिस विषë