Jump to ratings and reviews

मातृभूमि

A poetry book with poems on motherland and it's glory, martyrs.

128 pages, Paperback

First published July 1, 2021

Loading...
Loading...

About the author

Monika Sharma

68 books8 followers

Ratings & Reviews

What do you think?

Friends & Following

Create a free account to discover what your friends think of this book!

Community Reviews

5 stars
0 (0%)
4 stars
1 (100%)
3 stars
0 (0%)
2 stars
0 (0%)
1 star
0 (0%)
Displaying 1 - 1 of 1 review
Profile Image for Monika Sharma.
Author 68 books8 followers
August 23, 2022
संपादक की कलम से

धड़कता अगर तुममें हिंदुस्तान नहीं
मातृभूमि के दर्द से अगर परेशान नहीं
तो तुम ढूंढो अपना वजूद जाकर
क्योंकि तुम में जिंदा होने का कोई प्रमाण नहीं

मातृभूमि के व्याख्यान को शब्द सदा कम पड़ जाते हैं। क्योंकि हमारे भारत देश, हमारी जन्मभूमि, हमारी धरोहर, हमारे वीरों की भूमि, इसके गौरव को चंद शब्दों में समेट पाने की क्षमता किसी में नहीं। हम केवल खुद को सौभाग्यशाली समझ सकते हैं कि हमें इस पावन धरा पर जन्म मिला। यह ईश्वर की हम पर अनुकंपा है।

यह साझा काव्य संग्रह मातृभूमि एक छोटी सी भेंट है भारत माँ के चरणों में, जिसके राज तिलक से हमारे ललाट सुशोभित हैं। जिसके वीरों की गाथा आज भी हमारे रोंगटे खड़े हो जाते हैं।

इस अखिल भारतीय काव्य संग्रह में 9 राज्यों के 38 रचनाकारों एवं एक रचनाकार ने देश की सीमा पार से भी अपनी रचनाएँ सम्मिलित की है। देश प्रेम, शहीदों के प्रति सम्मान और देश की गौरव गाथा से जुड़ी 100 कविताओं का यह संग्रह जिसमें देश के विभिन्न हिस्सों से लोगों ने अपनी भावनाओं को शब्दों में पिरोकर इस संग्रह को तैयार करने में अपनी आहुति दी है मैं उन सभी की हृदय तल से आभारी हूँ।

'मातृभूमि' नामक इस काव्य संग्रह के संपादन हेतु शायद मैं पूर्ण रूप से सक्षम न होऊँ और मेरी अल्प बुद्धि से संग्रह में कुछ त्रुटियां रह गई हों। मेरा आप सब से सविनय निवेदन है कि मुझे क्षमा कीजिएगा और श्रेष्ठ भाव से लिखी गई इन कविताओं को अपना स्नेह जरूर दीजिएगा।

डॉ मोनिका शर्मा
Displaying 1 - 1 of 1 review