कहते हैं, जो घटना दो बार घटती हैं, वह तीसरे बार अवश्य होती हैं. साधना और गुणवंत जब अंतिम बार मिलें उस दिन साधना की माँ का संदेहास्पद मौत हुई थी। घटना स्थल पर दो व्यक्ति एकांत में माता जी के साथ उपस्थित थे। साधना और गुणवंत! कई सालों बाद जब वे इत्तेफ़ाक़ से दोबारा मिले, उसी रात साधना के पति की किसी ने गोली मार कर हत्या कर दी थी। फिर वही दोनों मौका ए वारदात पर उपस्थित थे। साधना और गुणवंत! उस हादसे के कई सालों बाद किस्मत ने उन्हें फिर से एक दूसरे के सामने खड़ा किया।अब की बार किसकी मौत होगी? या यह केवल अंधविश्वास हैं?पढ़िए तीजा.