Vishvajeet41 reviews8 followersFollowFollowJune 12, 2026विद्रोही में मुझे धूमिल की छाप दिखती है, लेकिन इनमें रोष उन से भी अधिक जान पड़ता है। विद्रोही की कविताओं में प्रतिशोध की आग दिखती है, वो प्रतिशोध जो समाज में बची मानवता की जरूरत है।