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अष्टावक्र गीता: ऋषि अष्टावक्र और राजा जनक के बीच आध्यात्मिक संवाद

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आत्मज्ञान का एक आसान तरीका!
यदि आपने कभी निम्नलिखित प्रश्नों पर विचार किया है- "मैं कौन हूँ?" या "जीवन क्यों बेकार है?" या "इस दुनिया में इतना दुख और असमानता क्यों है?" या "इस ब्रह्मांड को किसने बनाया?" या "अगर भगवान ने इस दुनिया को बनाया है, तो उसकी रचना इतनी अपूर्ण क्यों है?" या "जीवन में मेरा असली उद्देश्य क्या होना चाहिए?" या "मैं कैसे खुश रह सकता हूँ?" और इसी तरह, इस पुस्तक को पढ़ें। क्या आप मौत से डरते हैं? मत बनो! यह प्राचीन भारतीय तत्वमीमांसा पुस्तक मृत्यु के बारे में भयानक सच्चाई का खुलासा करती है। इसे पढ़ने के बाद आपका डर दूर हो जाएगा! सबक पर गंभीरता से विचार करें। आपका जीवन फिर कभी इस तरह का नहीं रह पाएगा!

78 pages, Kindle Edition

Published April 12, 2022

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