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राम-कथा #4

साक्षात्कार

राम कथा पर आधारित सात खण्डों में यह एक ऐसी उपन्यास श्रृंखला है, जिसमें
जीवन-मूल्यों को नये संदर्भों में देखा-परखा गया है। इन उपन्यास खण्डों
में लेखक ने राम कथा के माध्यम से लोक कल्याण की वास्तविक पहचान कराई है।

‘साक्षात्कार’ इस कथा माला का चौथा सोपान है, जिसमें शूर्पनखा के षडयंत्र
और सीताहरण को केन्द्र में रखा गया है। पात्रों का मनोवैज्ञानिक चित्रण
तथा कूटनीतिक चक्रों का जीवंत वर्णन हुआ है। इस कथा श्रृंखला के रचयिता
हैं हिन्दी के प्रसिद्ध कथाकार नरेन्द्र कोहली।

Paperback

Published January 1, 1997

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About the author

Narendra Kohli

212 books106 followers
Padmashree Narendra Kohli is one of the most eminent and well-known Hindi writers of our times. His novel based on the Ram-Katha, Abhyuday, shifted the course of Hindi novel-writing. Another of his novels, Mahasamar, based on the Pandava-katha went on to become just as popular. His novel-series, Todo Kara Todo is considered the greatest and foremost novel in any language on the life of Swami Vivekananda. Abhigyan, Vasudev, Sharnam, Aatmaswikriti, Varunaputri, Sagar-Manthan, Ahalya etc. are his other well-known works. Apart from the Padmashree, he has also been awarded the Hindi Akademi award; Delhi Salaka Samman; Uttar Pradesh Hindi Sansthaan award; Pandit Deen Dayal Upadhyay Samman, Lucknow; K.K. Birla Foundation award; Vyasa Samman, New Delhi; Madhya Pradesh government and Bhopal’s Maithili Sharan Gupt Rashtriya Samman, among numerous other honours.

डॉ॰ नरेन्द्र कोहली (जन्म ६ जनवरी १९४०, निधन १७ अप्रैल २०२१, चैत्र शुक्ल पंचमी, नवरात्रि) प्रसिद्ध हिन्दी साहित्यकार हैं। उन्होंने साहित्य के सभी प्रमुख विधाओं (यथा उपन्यास, व्यंग्य, नाटक, कहानी) एवं गौण विधाओं (यथा संस्मरण, निबंध, पत्र आदि) और आलोचनात्मक साहित्य में अपनी लेखनी चलाई है। उन्होंने शताधिक श्रेष्ठ ग्रंथों का सृजन किया है। हिन्दी साहित्य में 'महाकाव्यात्मक उपन्यास' की विधा को प्रारंभ करने का श्रेय नरेंद्र कोहली को ही जाता है। पौराणिक एवं ऐतिहासिक चरित्रों की गुत्थियों को सुलझाते हुए उनके माध्यम से आधुनिक सामाज की समस्याओं एवं उनके समाधान को समाज के समक्ष प्रस्तुत करना कोहली की अन्यतम विशेषता है। कोहलीजी सांस्कृतिक राष्ट्रवादी साहित्यकार हैं, जिन्होंने अपनी रचनाओं के माध्यम से भारतीय जीवन-शैली एवं दर्शन का सम्यक् परिचय करवाया है। जनवरी, २०१७ में उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया गया।

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Profile Image for Indra  Vijay Singh.
156 reviews6 followers
April 22, 2024
#43 साक्षात्कार _ नरेंद्र कोहली

राम कथा पर आधारित सात खंडों में यह चौथा खंड है।यह मूलतः शूर्पनखा पर आधारित है। भाषा इतनी अद्भुत है की एक ही बार में पढ़ गया। इतना सूक्ष्म वर्णन है जानी पहचानी कहानी भी बिल्कुल नई लगती है। यह नरेंद्र कोहली जी का जादू है, कई सारी ऐसी जानकारियो से युक्त है जो नई पर प्रमाणिक जान पड़ती है। हर पात्र के मनोभावों का इतना सूक्ष्म वर्णन है की इसके समीप शिवाजी सावंत की मृत्युंजय, भेरप्पा की पर्व, वी एस खांडेकर की ययाति याद आती है।

शानदार किताब।
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