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Agnirathi : Niyam aur Dand

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नियमों के विरुद्ध मंत्र विद्या का प्रयोग करने के कारण कौस्तुभ को मिला है दंड। क्या एक अंतहीन मार्ग पर खड़ा कौस्तुभ अपने जीवन को एक नई दिशा दे पायेगा? वर्षाणों के आक्रमण से एक बार पुनः रक्तरंजित हो चुकी है उत्तराँचल की भूमि। अपने अतीत से जूझता अरिदमन क्या इन दुर्दांत हत्यारों को रोक पायेगा? विशाल मरुस्थल के गर्भ से निकला एक प्राचीन रहस्य जो एकद्वीप के वर्तमान और भविष्य पर है संकट। मरुभूमि में शिक्षा प्राप्त कर रहा शिखी किस प्रकार जुड़ा है इस रहस्य से? छल, क्रोध, माया, प्रेम और साहस से भरी अविस्मरणीय गाथा ‘सव्यसाची : छल और युद्ध’ का दूसरा भाग !

290 pages, Kindle Edition

Published May 10, 2022

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About the author

Akash Pathak

11 books1 follower

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Displaying 1 - 3 of 3 reviews
Profile Image for Piyush Kumar.
Author 113 books5 followers
July 10, 2022
भारतीय पौराणिक विषय की एक अद्भुत महागाथा


प्लॉट:- कहानी शुरू होती है जहां पिछली नॉवेल खत्म हुई थी। दक्षिणांचल का राजा शतबाहु एकद्वीप को एक करने के सपने के लिए एक बार फिर युद्ध की तैयारी कर रहा है जिसके लिए वो अपने पुराने मित्रों और गुरुओं से सहायता मांगता है। उत्तरांचल की सेना अपने युवराज की हत्या का बदला लेने के लिए युद्ध करने निकल रही है। कौस्तुभ को मंत्र विद्या का प्रयोग ने करने का नियम तोड़ने का दंड मिलने वाला है और उसका भविष्य खतरे में है वहीं शिखी जो कि अपने जीवन के ऐसे मोड़ पर खड़ा है जहां उसे यह पता नहीं कि वह कौन है और उसका भविष्य क्या है? आदिपशुओं के अस्तित्व से लेकर एकद्वीप के आने वाले कल की इस महागाथा का यह भाग कैसा है, देखते हैं नीचे।
मेरा मत: -
लेखक आकाश पाठक की यह दूसरी नॉवेल है और इसमें उन्होंने अपने पहले नॉवेल को बहुत पीछे छोड़ दिया है। कहानी का प्लॉट पहले से ही अलग था और अपनी फैंटेसी दुनिया का विस्तार करने में लेखक ने कोई कसर नहीं छोड़ी है। एक से एक कहानियां छिपी हैं इस महागाथा में जो इसे और भी रहस्यपूर्ण और सुंदर बनाती हैं।
कहानी की गति एकदम नपी तुली है। जहां जरूरत है वहां लेखक ने समझाने में समय लिया है और जहां तेज कहानी को जरूरत है वहां गति अभूतपूर्व है। कहानी जहां से शुरू हुई वहां से हर एक बिंदु को ध्यान में रखते हुए ऐसे लिखा गया कि कहीं भी किसी भी पाठक का मन पढ़ने में लगा रहे।
सभी किरदारों के साथ पूरा न्याय हुआ है। चाहे वो छोटे किरदार हों या महत्वपूर्ण किरदार। सबका अपना अपना महत्व है जो इस नॉवेल में दिखाया है, जैसे कि शिखी और उसके मित्रों की कहानी। किसी भी छोटी से छोटी कहानी को छोड़ा नहीं जा सकता है।
अब आते हैं अपने ३ सबसे महत्वपूर्ण किरदार पर जो इस कहानी की जान हैं। कैस्तुभ, जो कि सव्यसाची है, शिखी जो कि अग्नि कुल का शिष्य है और स्वयं अग्नि को धारण कर सकता है और शतबाहू जो दक्षिणांचल का राजा है।
उत्तरांचल के हराने के साथ साथ उसका अब एक और लक्ष्य है कौस्तुभ की मृत्यु और शिखी जो कि शतबाहु के कारण ही जीवित है, क्या वो इस कार्य में उसकी सहायता करेगा यही इस कहानी का मुख्य बिंदु है।
युद्ध के दृश्य और एक नगर को कैसे अपने कब्जे में रखा जाता है यह बहुत ही बढ़िया तरीके से दिखाया गया है।
कुल मिला कर देखें तो इस नॉवेल के द्वारा लेखक आकाश पाठक ने एक बहुत ही बढ़िया प्रस्तुति की है जो कि हिंदी पाठकों के लिए एक बहुत ही कमाल का तोहफा है।
98 reviews
May 17, 2022
Very good story as it was in first part of this book.
2 reviews
March 22, 2025
Not boring

You can really read at least once. It is not that much excellent but it is not boring as well.
Displaying 1 - 3 of 3 reviews