देवराज चौहान और मोना चौधरी अपने पूर्वजन्म की धरती पर एक साथ। ____ देवराज चौहान और मोना चौधरी उस सर कटे बुत के सामने बैठे यज्ञ में लीन थे। बुत की गर्दन पर मुकुट लगा हुआ था। उनके आस-पास उनके सभी साथी मौजूद थे। वहां हजारों की संख्या में गांव वाले, कबीले वाले, बस्तियों वाले, और भी ढेरों लोग मौजूद थे। देवराज चौहान और मोना चौधरी सैकड़ों वर्षो पुरानी, याद कर रखी, मंत्रों और श्लोकों की किताबों को मुंह जुबानी, आंखें बंद किए बोल रहे थे और वो किताबें आज कहीं भी मौजूद नहीं थी। अगर इनके मुंह से मंत्र और श्लोक ठीक निकलते रहते हैं तो यज्ञ ने तीन घंटों में पूर्ण हो जाना था और पत्थर बने लोगों ने फिर से जिंदा हो जाना था। फिर वो भी वक्त आया जब पत्थर बने लोग पैरों से लेकर गर्दन