क्या समय-यात्रा सम्भव है? क्या हमारी दुनिया जैसी कोई और दुनिया भी है? क्या कोई इस समय-चक्र में फंस सकता है। ऐसे ही सवालों के जवाब देती, ये किताब आधारित है एक योद्धा विक्रम और उसके रोमांचक कारनामों पर। विक्रम की इस कहानी में एक तरफ प्यार है तो दूसरी तरफ टकरार भी है। इस कहानी में एक तरफ विक्रम को अपना स्वामी अपने पिता की तरह प्यारा है तो दूसरी तरफ कहानी में एक, अपने पिता का हत्यारा भी है। ये कहानी जहाँ एक ओर आपके चेहरे पर मुस्कुराहट लाती है तो दूसरी ओर दर्द का एहसास भी करा देती है। विक्रम अपनी एक गलती की वजह से एक ऐसी जगह पहुँच जाता है, जहाँ उसे लगता है कि उसके साथ जो हो रहा है वो सैंकड़ो साल पहले ही हो चुका है। उसे एक अत्याचारी शासक का सामना करके एक मासूम लड़की को नगरवधू होने से बचाना है, साथ ही अपने