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डाना (प्रथम खण्ड): पक्षी-परिचय पर आधारित एक विलक्षण औपन्यासिक कृति (3 खण्डों में) (DANA- The Wings Book 1)

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‘डाना’ एक वृहत् उपन्यास है। “बनफूल” ने इसे तीन खण्डों में लिखा था। पहला खण्ड साल 1948 में प्रकाशित हुआ था, दूसरा 1950 में और तीसरा खण्ड 1955 में प्रकाशित हुआ था।यह उपन्यास कई मायनों में एक अनोखी साहित्यिक रचना है, जिनमें से दो का जिक्र करना यहाँ उचित होगा।1. पूरे उपन्यास में (तीनों खण्ड मिलाकर) छोटी-बड़ी कुल एक सौ कविताएं हैं। इस लिहाज से यह एक चम्पू काव्य है। यह एक ऐसी विधा है, जिसपर हाथ चलाना सबके बस की बात नहीं होती। चूँकि “बनफूल” एक कवि भी थे, इसलिए उनके लिए यह सम्भव हुआ। उपन्यास के गद्य के साथ-साथ पद्य का भी अनुवाद कर पाना अनुवादक के बस की बात नहीं थी। (जबर्दस्ती प्रयास करने का कोई तुक नहीं बनता।) इसलिए प्रस्तुत अनुवाद में कविताओं की शुरुआती कुछ पंक्तियों का अनुवाद करने की कोशिश की गयी है और क&#

121 pages, Kindle Edition

Published June 15, 2022

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Banaphool

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