एक दिन रूपा बिमल के ट्यूबेल में नहाने के लिए गयी।वैसे तो वह रोज ही वही नहाने जाती थी।उस दिन ट्यूबेल में सिर्फ बिमल ही था ,और कोई नही था।बिमल रूपा को देखकर उसके पास आ गया।रूपा बिमल को देखकर मुस्कुराने लगी।लेकिन उन दोनों ने आपस मे बात नही की।
रूपा नहाने से पहले अपने दुप्पटे को धो डाला था ,और फिर नहाने लगी।जब वह नहा रही थी।उसकी कुर्ती पानी के भीगने से उनके बदन में चिपक गयी।
रूपा का वक्षस्थल झलकने लगा।बिमल की आँखें रूपा के वक्षःस्थल को देखकर उस पर टिकी रह गयी।जब रूपा की नजर बिमल पर पड़ी तो उसने सरमा कर जल्दी से अपने दुपट्टे से अपने दोनों वक्षो को ढक लिया।और सरमा कर नजरें नीची कर ली।
अभी तक बिमल की आँखे रूपा की वक्षों पर ही टिकी हुई थी,फिर उसने अचानक ही रूपा के शीने से अपनी आँखो को हटा लि