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डियर अजनबी, मैं तुम्हारे साथ हूं

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मैं तुम्हारे बारे में ज़्यादा नहीं जानता, पर इतना ज़रूर जानता हूं कि तुम कैसा महसूस कर रहे हो। तुम खोया हुआ, अकेला और ग़लत समझा हुआ महसूस कर रहे हो। तुम दुख और दर्द से थक चुके हो। डिप्रेशन, चिंता और नकारात्मकता तुम्हारा पीछा कर रहे हैं। आशा की किरण तक पहुंचने का रास्ता और ख़ुद को इससे उबारने का कोई तरीक़ा तुम्हें नहीं सूझ रहा। मेरा विश्वास करो, मैं ख़ुद भी इससे गुज़र चुका हूं, और जानता हूं कि ये आसान नहीं है। इसलिए, मैं तुम्हारे लिए ये तीस ख़त और कविताएं लिख रहा हूं, तुम्हें ये बताने के लिए कि तुम अकेले नहीं हो, और ये कि तुम्हें समझने वाला कोई है। अभी भी तुम्हारी परवाह है। मैं उम्मीद करता हूं कि तुम रोज़ इनमें से एक ख़त पढ़ोगे, और मेरा वादा है कि हम साथ मिलकर इससे पार पाएंगे। ज़िंदगी मुश्किल है, पर तब नहीं जब हम एक-एक दिन करके इसका सामना करते हैं। ब्रह्मांड में विश्वास रखो और कभी हार मत मानो। प्यार और रोशनी, एक अजनबी, जो तुम्हें महसूस करता है

174 pages, Paperback

Published August 9, 2021

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About the author

Ashish Bagrecha

17 books199 followers

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1 review
March 29, 2024
Amazing 😍
This entire review has been hidden because of spoilers.
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