'ऊपर से भोले हैं अंदर से भाले हैं' जो लोग, और भोले-भाले समझे जाते हैं। जो लोग, अशोक चक्रधर की कविताओं के विषय हैं वे लोग इस संकलन में अशोक चक्रधर की वह प्रतिनिधि हास्य-व्यंग्य कविताएं हैं जिन्हें कविसम्मेलनों में लाखों श्रोताओं ने सराहा है और चाहा है।