Paras Saini3 reviewsFollowFollowJanuary 21, 2024हिंदी भाषा में पाश्चात्य काव्यशास्त्र के लिए शायद ही इससे अच्छी कोई पुस्तक हो। इस किताब में सरल व सुस्पष्ट रूप से पाश्चात्य लेखकों को व्याख्यायित किया गया है।