Goodreads helps you follow your favorite authors. Be the first to learn about new releases!
Start by following Lalit Kumar Mishra.
Showing 1-1 of 1
“परिवर्तन समय बदल गया है अब लड़कियां भी मन की कर सकती हैं जो चाहे खेल सकती हैं जो चाहे पढ़ सकती हैं जो चाहे पहन सकती हैं बल्कि नौकरी तक कर सकती हैं पर झाड़ू, पोछा, बर्तन और रसोई के बाद।”
― वर्जिन: काव्य संग्रह
― वर्जिन: काव्य संग्रह

