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“धूप में निकलो घटाओं में नहा कर देखो
ज़िन्दगी क्या है किताबों को हटा कर देखो
वो सितारा है चमकने दो यूँ ही आँखों में
क्या ज़रूरी है उसे जिस्म बनाकर देखो
पत्थरों में भी ज़ुबाँ होती है दिल होते हैं
अपने घर की दर-ओ-दीवार सजा कर देखो
फ़ासला नज़रों का धोखा भी तो हो सकता है
वो मिले या न मिले हाथ बढा़ कर देखो”
― Duniya Jise Kahte Hain
ज़िन्दगी क्या है किताबों को हटा कर देखो
वो सितारा है चमकने दो यूँ ही आँखों में
क्या ज़रूरी है उसे जिस्म बनाकर देखो
पत्थरों में भी ज़ुबाँ होती है दिल होते हैं
अपने घर की दर-ओ-दीवार सजा कर देखो
फ़ासला नज़रों का धोखा भी तो हो सकता है
वो मिले या न मिले हाथ बढा़ कर देखो”
― Duniya Jise Kahte Hain
“hosh vaalo.n ko KHabar kyaa be-KHudii kyaa chiiz hai
ishq kiije phir samajhiye zindagii kyaa chiiz hai”
―
ishq kiije phir samajhiye zindagii kyaa chiiz hai”
―
“सफ़र में धूप तो होगी जो चल सको तो चलो
सभी हैं भीड़ में तुम भी निकल सको तो चलो
इधर उधर कई मंज़िल हैं चल सको तो चलो
बने बनाये हैं साँचे जो ढल सको तो चलो
किसी के वास्ते राहें कहाँ बदलती हैं
तुम अपने आप को ख़ुद ही बदल सको तो चलो
यहाँ किसी को कोई रास्ता नहीं देता
मुझे गिराके अगर तुम सम्भल सको तो चलो
यही है ज़िन्दगी कुछ ख़्वाब चन्द उम्मीदें
इन्हीं खिलौनों से तुम भी बहल सको तो चलो
हर इक सफ़र को है महफ़ूस रास्तों की तलाश
हिफ़ाज़तों की रिवायत बदल सको तो चलो
कहीं नहीं कोई सूरज, धुआँ धुआँ है फ़िज़ा
ख़ुद अपने आप से बाहर निकल सको तो चलो”
―
सभी हैं भीड़ में तुम भी निकल सको तो चलो
इधर उधर कई मंज़िल हैं चल सको तो चलो
बने बनाये हैं साँचे जो ढल सको तो चलो
किसी के वास्ते राहें कहाँ बदलती हैं
तुम अपने आप को ख़ुद ही बदल सको तो चलो
यहाँ किसी को कोई रास्ता नहीं देता
मुझे गिराके अगर तुम सम्भल सको तो चलो
यही है ज़िन्दगी कुछ ख़्वाब चन्द उम्मीदें
इन्हीं खिलौनों से तुम भी बहल सको तो चलो
हर इक सफ़र को है महफ़ूस रास्तों की तलाश
हिफ़ाज़तों की रिवायत बदल सको तो चलो
कहीं नहीं कोई सूरज, धुआँ धुआँ है फ़िज़ा
ख़ुद अपने आप से बाहर निकल सको तो चलो”
―
“Main tha apne khet mein, tujhko bhi tha kaam,
Teri meri bhool ka raja pad gaya naam.”
―
Teri meri bhool ka raja pad gaya naam.”
―
“पहले भी जीते थे मगर जब से मिली है ज़िन्दगी सीधी नहीं है दूर तक उलझी हुई है ज़िन्दगी इक आँख से रोती है ये, इक आँख से हँसती है ये जैसी दिखाई दे जिसे उसकी वही है ज़िन्दगी जो पाये वो खोये उसे, जो खोये वो रोये उसे यूँ तो सभी के पास है किसकी हुई है ज़िन्दगी हर रास्ता अनजान-सा हर फ़लसफ़ा नादान-सा सदियों पुरानी है मगर हर दिन नयी है ज़िन्दगी अच्छी-भली थी दूर से जब पास आयी खो गयी जिसमें न आये कुछ नज़र वो रोशनी है ज़िन्दगी मिट्टी हवा लेकर उड़ी घूमी फिरी वापस मुड़ी क़ब्रों पे कतबों1 की तरह लिक्खी हुई है ज़िन्दगी”
― Duniya Jise Kahte Hain
― Duniya Jise Kahte Hain
“तुमसे छुट कर भी तुम्हें भूलना आसान न था तुमको ही याद किया तुमको भुलाने के लिए”
― Duniya Jise Kahte Hain
― Duniya Jise Kahte Hain
“ख़ुद से मिलने का चलन आम नहीं है वर्ना अपने अन्दर ही छुपा होता है रस्ता अपना”
― Duniya Jise Kahte Hain
― Duniya Jise Kahte Hain




