Goodreads helps you follow your favorite authors. Be the first to learn about new releases!
Start by following Anuradha Goyal.
Showing 1-2 of 2
“प्रकृति के समक्ष हम मानवों का सामर्थ्य कितना सूक्ष्म है। उसके समक्ष हम कितने असहाय व शक्तिहीन हैं। यहाँ तक कि हमारा अस्तित्व भी प्रकृति पर ही निर्भर है।”
― Bharat Ke Anokhe Mandir: भारत के अनोखे मंदिर
― Bharat Ke Anokhe Mandir: भारत के अनोखे मंदिर
“योगिनियाँ ना तो सप्त मात्रिकाएं हैं, ना ही दश महाविद्याएं हैं। वे नव दुर्गा भी नहीं हैं। वे यक्षिणियों के समूह हैं जो सदैव साथ रहती हैं तथा साथ ही कार्य करती हैं।”
― Bharat Ke Anokhe Mandir: भारत के अनोखे मंदिर
― Bharat Ke Anokhe Mandir: भारत के अनोखे मंदिर





