महर्षि वेदव्यास
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“क्रोध से अत्यन्त मूढ़भाव उत्पन्न हो जाता है, मूढ़भाव से स्मृति में भ्रम हो जाता है, स्मृति में भ्रम हो जाने से बुद्धि अर्थात् ज्ञानशक्ति का नाश हो जाता है और बुद्धि का नाश हो जाने से यह पुरुष अपनी स्थिति से गिर जाता है।।63।।”
― श्रीमद्भगवद्गीता (Hindi Prayer): Srimadbhagwadgita (Hindi Prayer)
― श्रीमद्भगवद्गीता (Hindi Prayer): Srimadbhagwadgita (Hindi Prayer)
“क्रोधाद्भवति सम्मोहः सम्मोहात्स्मृतिविभ्रमः। स्मृतिभ्रंशाद् बुद्धिनाशो बुद्धिनाशात्प्रणश्यति।।63।। क्रोध से अत्यन्त मूढ़भाव उत्पन्न हो जाता है, मूढ़भाव से स्मृति में भ्रम हो जाता है, स्मृति में भ्रम हो जाने से बुद्धि अर्थात् ज्ञानशक्ति का नाश हो जाता है और बुद्धि का नाश हो जाने से यह पुरुष अपनी स्थिति से गिर जाता है।।63।।”
― श्रीमद्भगवद्गीता (Hindi Prayer): Srimadbhagwadgita (Hindi Prayer)
― श्रीमद्भगवद्गीता (Hindi Prayer): Srimadbhagwadgita (Hindi Prayer)
“कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन। मा कर्मफलहेतुर्भूर्मां ते संगोऽस्त्वकर्मणि।।47।।”
― श्रीमद्भगवद्गीता (Hindi Prayer): Srimadbhagwadgita (Hindi Prayer)
― श्रीमद्भगवद्गीता (Hindi Prayer): Srimadbhagwadgita (Hindi Prayer)
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