Usha Priyamvada
Born
India
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पचपन खम्भे लाल दीवारें
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published
2009
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3 editions
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Won't You Stay, Radhika?
by
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published
1967
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8 editions
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प्रतिनिधि कहानियाँ : उषा प्रियंवदा
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शेष यात्रा
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published
1984
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3 editions
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Arkadipt
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भया कबीर उदास
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published
2007
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3 editions
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Banvaas
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published
2009
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2 editions
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एक कोई दूसरा
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कितना बड़ा झूठ
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अल्पविराम
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published
2019
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2 editions
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“एक पुरुष पचास स्त्रियों से प्रेम करता फिरता है, उसे तुम्हारा समाज कुछ नहीं कहता? एक स्त्री अगर अकेली, सम्मान से जीना चाहती है तो उसके चारों तरफ़ गिद्ध नोच खाने को तैयार रहते हैं।”
― प्रतिनिधि कहानियाँ : उषा प्रियंवदा
― प्रतिनिधि कहानियाँ : उषा प्रियंवदा
“एक नाटक देखा था, जो बहुत पसन्द आया : ‘छोटी मछली, बड़ी मछली,’ जिसमें बड़ी मछली छोटी मछलियों को निगलती रहती है। तब से कभी-कभी सोचती हूँ कि क्या छोटी मछली उलटकर वार भी नहीं कर सकती?”
― प्रतिनिधि कहानियाँ : उषा प्रियंवदा
― प्रतिनिधि कहानियाँ : उषा प्रियंवदा
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