Waris P > Waris's Quotes

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  • #1
    “प्रेम ..
    जिसमें सिर्फ
    मानना है,
    जानने की ज़रूरत नहीं ।।”
    Pushpindra Chagti Bhandari, Wo Lamha

  • #2
    “बेवजह ही ;
    कभी जब तुम याद आते हो तो
    आँख पोंछ कर कहकहे लगाती हूँ ....
    तुम्हारी पसंद का रंग पहनती हूँ ।।”
    Pushpindra Chagti Bhandari, Wo Lamha

  • #3
    “बेवजह ही ;
    हथेली में चाँद रख लेती हूँ ....
    रात से झगड़ा कर लेती हूँ,
    ख़्वाबों को वापिस भेज देती हूँ ।।”
    Pushpindra Chagti Bhandari, Wo Lamha

  • #4
    “उस ने कहा — कभी यूँ करो
    ख़्वाब की सिर्फ़ एक कतरन देखो !”
    Pushpindra Chagti Bhandari, Wo Lamha

  • #5
    “मैंने कहा —
    अगर मैं अपने अश'आर में नहीं
    तो कहाँ पढ़ोगे मुझ को ।।”
    Pushpindra Chagti Bhandari, Wo Lamha

  • #6
    “इतना close तो मैं
    ख़ुद को भी ना आने दूँ कभी ।।”
    Pushpindra Chagti Bhandari, Wo Lamha

  • #7
    “मैं चाहती हूँ,
    तुम मेरी चुप बनो,”
    Pushpindra Chagti Bhandari, Wo Lamha

  • #8
    “एक कहकहा.....था
    जिसकी गूंज आज भी
    मेरे कानों में बसी है”
    Pushpindra Chagti Bhandari, Wo Lamha

  • #9
    “काश कभी ऐसा हो जाये
    भीगा मन हो
    और मैं टांग दूँ अलगनी पर
    तुम सुबह की धूप बन कर
    मेरे आँगन आ जाओ ।।”
    Pushpindra Chagti Bhandari, Wo Lamha

  • #10
    “मेरी भीगी आँखों में
    वही है जो मुस्कराता है,”
    Pushpindra Chagti Bhandari, Wo Lamha

  • #11
    “या कोई सलवट थी
    जो बहुत चुभती रही,


    मेरी चादर में”
    Pushpindra Chagti Bhandari, Wo Lamha

  • #12
    “उसकी पीठ को देखा तो
    ध्यान आया
    उसके चेहरे के कई नक़्श
    शायद याद ही न हों मुझे”
    Pushpindra Chagti Bhandari, Wo Lamha

  • #13
    “दिन उगता है तेरे ख़्याल से
    रात आती है तेरी याद लिए
    ज़िन्दगी शुक्रिया इस मुस्कान के लिए”
    Pushpindra Chagti Bhandari, Wo Lamha

  • #14
    “एक ज़रा सा टुकड़ा धूप का
    मैंने कब ज़िन्दगी से
    उसकी जागीर मांगी थी”
    Pushpindra Chagti Bhandari, Wo Lamha

  • #15
    “क्योंकि मेरे पास
    हज़ार वजहें थीं
    तुम को भूल जाने की”
    Pushpindra Chagti Bhandari, Wo Lamha

  • #16
    “वो अनदेखा सा
    ख़्वाब था
    जो पलकों में ठहर गया
    न तुमने कहा न वो आगे बढ़ा”
    Pushpindra Chagti Bhandari, Wo Lamha

  • #17
    “बस नज़रों से सुनो
    और छुअन से कहो...”
    Pushpindra Chagti Bhandari, Wo Lamha

  • #18
    “कुछ वक़्त
    कभी गुज़रता ही नहीं

    कभी भी नहीं ....
    है न ।।”
    Pushpindra Chagti Bhandari, Wo Lamha

  • #19
    “बेवजह ही ;
    किसी दिन चाय के दो कप बनाती हूँ ....
    Balcony में खड़े हो कर
    दूर तक तुम को तलाशती हूँ ।।”
    Pushpindra Chagti Bhandari, Wo Lamha

  • #20
    “उसकी तरफ पीठ कर के
    बैठ गयी मैं, अपनी चाय लेकर ।।
    फ़ोन में मैसेंजर पर
    दिल भेज दिया उसने ....
    और
    ज़रा सी मुस्कान आ गयी
    मेरी नम आँखों में ।।”
    Pushpindra Chagti Bhandari, Wo Lamha

  • #21
    “किसी चाय की भाप में
    मैंने तुम को miss नहीं किया”
    Pushpindra Chagti Bhandari, Wo Lamha

  • #22
    “मैंने ख़ुदा को नहीं देखा
    दोस्त
    मैंने बस इश्क़ को जाना है ।।”
    Pushpindra Chagti Bhandari, Wo Lamha



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