Navin Pandey > Navin's Quotes

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    Harishankar Parsai
    “संविधान में जूते मारने का बुनियादी अधिकार तो होना ही चाहिए। आदमी के पेट में अन्न न हो, शरीर पर कपड़े न हों, पर पाँवों में जूता ज़रूर होना चाहिए, जिससे वह जब चाहे, बुनियादी अधिकार का उपयोग कर सके।”
    Harishankar Parsai, ठिठुरता हुआ गणतंत्र



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