“दोस्तो, छुट्टियों की ये कशमकश नौकरी का स्थायी भाव है। इसलिए कभी भी छुट्टी के लिए झूठ बोलते समय ग्लानि न पालें। भले ही भारत में साल में डेढ़ सौ छुट्टियाँ होती हों, मगर हमारी लड़ाई तो बाकी बचे दो सौ दिनों से है। जब तक दिलों में कामचोरी का जज्बा है, रगों में मक्कारी का लहू है और बहाने बनाने के लिए कल्पनाशक्ति का चकला मौजूद है, हमें झूठ बोलकर छुट्टियाँ लेते रहना है। हमारा मकसद दो वीकली ऑफ नहीं, दो वर्किंग डे है। हमें तो पाँच वीकली ऑफ चाहिए।”
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Neeraj Badhwar,
Hum Sab Fake Hain (Hindi): Hindi