“मंदिर का देवता भी बोर होता है?"
"असली देउता होगा तो जरूरे बोर होगा। इतनी लम्बी लाइन लगती हय भगतों की, कामकाज का मार टेंसन। एइसे में कोई दिले-नादान टाइप भगत आये अउर जब उससे पूछा जाये, भय्या, क्या चाहिता हय तू अउर दान दच्छिना क्या लाया हय, तब वह कहे, जी मैं तो यवै मिलने चला आया था, लाया भी यह चउन्नी अउर चार बतासा हूँ। अब बताइये इस मसखरी पर देउता भिन्नायेगा कि नहीं? यहाँ ससुरी एक से एक नेसनल - इंटरनेसनल अउर क्या नाम कहते हैं फाइनेंसियल प्रॉब्लम करने में हम बिजी हैं अउर आप चले आये हाउ-डू-डू कहिने। हम देउता हैं या आपकी मासूका!”
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Manohar Shyam Joshi,
नेताजी कहिन