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कोई खुशियों की चाह में रोया
कोई दुखों की पनाह में रोया..
अजीब सिलसिला हैं ये ज़िंदगी का..
कोई भरोसे के लिए रोया..
कोई भरोसा कर के रोया..
कोई दुखों की पनाह में रोया..
अजीब सिलसिला हैं ये ज़िंदगी का..
कोई भरोसे के लिए रोया..
कोई भरोसा कर के रोया..
Asheesh wrote: "कोई खुशियों की चाह में रोयाकोई दुखों की पनाह में रोया..
अजीब सिलसिला हैं ये ज़िंदगी का..
कोई भरोसे के लिए रोया..
कोई भरोसा कर के रोया.."
ati sundar .... why dont you create a blog of your hindi poems Asheesh ? It will give your beautiful words a larger readership and appreciation :)
बरसात आये तो ज़मीन गीली न हो,
धूप आये तो सरसों पीली न हो,
ए दोस्त तूने यह कैसे सोच लिया कि,
तेरी याद आये और पलकें गीली न हों।
धूप आये तो सरसों पीली न हो,
ए दोस्त तूने यह कैसे सोच लिया कि,
तेरी याद आये और पलकें गीली न हों।
दिल की आवाज़ को इज़हार कहते है
झुकी निगाह को इकरार कहते है
सिर्फ पाने का नाम इश्क नहीं
कुछ खोने को भी प्यार कहते है
झुकी निगाह को इकरार कहते है
सिर्फ पाने का नाम इश्क नहीं
कुछ खोने को भी प्यार कहते है
कल एक झलक ज़िंदगी को देखा,
वो राहों पे मेरी गुनगुना रही थी,
फिर ढूँढा उसे इधर उधर
वो आँख मिचौली कर मुस्कुरा रही थी,
एक अरसे के बाद आया मुझे क़रार,
वो सहला के मुझे सुला रही थी
हम दोनों क्यूँ ख़फ़ा हैं एक दूसरे से
मैं उसे और वो मुझे समझा रही थी,
मैंने पूछ लिया- क्यों इतना दर्द दिया कमबख़्त
तूने,
वो हँसी और बोली- मैं ज़िंदगी हूँ पगले
तुझे जीना सिखा रही थी
वो राहों पे मेरी गुनगुना रही थी,
फिर ढूँढा उसे इधर उधर
वो आँख मिचौली कर मुस्कुरा रही थी,
एक अरसे के बाद आया मुझे क़रार,
वो सहला के मुझे सुला रही थी
हम दोनों क्यूँ ख़फ़ा हैं एक दूसरे से
मैं उसे और वो मुझे समझा रही थी,
मैंने पूछ लिया- क्यों इतना दर्द दिया कमबख़्त
तूने,
वो हँसी और बोली- मैं ज़िंदगी हूँ पगले
तुझे जीना सिखा रही थी
लोग रूप देखते है ,हम दिल देखते है ,
लोग सपने देखते है हम हक़ीकत देखते है,
…
लोग दुनिया मे दोस्त देखते है,
हम दोस्तो मे दुनिया देखते है.
लोग सपने देखते है हम हक़ीकत देखते है,
…
लोग दुनिया मे दोस्त देखते है,
हम दोस्तो मे दुनिया देखते है.
दिल के अरमान दिल में दफ़न थे
ता उम्र फीकी मुसकान पहने बैठे थे
आंखों की नमी असली थी मगर
अकेले में मनन करते जीवन पर
कहाँ जाना था कहाँ पहुँच गए हम
दिल के अरमान जो दफ़न थे दिल में
एक दिन एक पहचाना सा झोंका आया
एक प्यारी सी याद संग लेकर आया
झोंके को घेर लिया कसकर लिपट गये
दिल के अरमान चन्द ताज़ी सांसे लेने उभरे
अपने होने का सबूत देने लगे सिसकी बनकर
आंखों में बादल छा गए और सबर का बाँध टूट गया
जार जार रो रहा था मन
सनम से जुदा होने का गुम
इस पार नही तो उस पार मिलेंगे हम
इस पार नही तो उस पार मिलेंगे हम
बेवफा न थे कफ़न उठाये रुखसत हुए थे
वादा है उसी को ओड़े चले आयेंगे हम
इस पार नही तो उस पार मिलेंगे हम
बेवफा न थे कफ़न उठाये रुखसत हुए थे
वादा है उसी को ओड़े चले आयेंगे हम
ता उम्र फीकी मुसकान पहने बैठे थे
आंखों की नमी असली थी मगर
अकेले में मनन करते जीवन पर
कहाँ जाना था कहाँ पहुँच गए हम
दिल के अरमान जो दफ़न थे दिल में
एक दिन एक पहचाना सा झोंका आया
एक प्यारी सी याद संग लेकर आया
झोंके को घेर लिया कसकर लिपट गये
दिल के अरमान चन्द ताज़ी सांसे लेने उभरे
अपने होने का सबूत देने लगे सिसकी बनकर
आंखों में बादल छा गए और सबर का बाँध टूट गया
जार जार रो रहा था मन
सनम से जुदा होने का गुम
इस पार नही तो उस पार मिलेंगे हम
इस पार नही तो उस पार मिलेंगे हम
बेवफा न थे कफ़न उठाये रुखसत हुए थे
वादा है उसी को ओड़े चले आयेंगे हम
इस पार नही तो उस पार मिलेंगे हम
बेवफा न थे कफ़न उठाये रुखसत हुए थे
वादा है उसी को ओड़े चले आयेंगे हम
soooo nice asheesh ji kaha se li?
ज़रूरी नही कि सजदे हो हर वक्त,
और उसमे खुदा का नाम आये ,,
ज़िन्दगी तो खुद ही एक इबादत है,
शर्त यह है की किसी के काम आये
और उसमे खुदा का नाम आये ,,
ज़िन्दगी तो खुद ही एक इबादत है,
शर्त यह है की किसी के काम आये
★★जिसका वजूद नहीं, वह हस्ती किस काम की,★★
ѼѼ ▼जो मजा न दे, वह मस्ती किस - काम की▼,
ѼѼ ▼जहा दिल न लगे, वो बस्ती किस
काम की,▼
★★हम आपको याद न करें, तो फिर हमारी दोस्ती किस काम की.★★
ѼѼ ▼जो मजा न दे, वह मस्ती किस - काम की▼,
ѼѼ ▼जहा दिल न लगे, वो बस्ती किस
काम की,▼
★★हम आपको याद न करें, तो फिर हमारी दोस्ती किस काम की.★★
Hansne ke baad kyu rulati hai duniya,
Jaane ke baad kyu bhulati hai duniya,
Zindagi me kya kuch kasar baaki thi,
Jo marne ke baad bhi jalati hai duniya..
Jaane ke baad kyu bhulati hai duniya,
Zindagi me kya kuch kasar baaki thi,
Jo marne ke baad bhi jalati hai duniya..
Phool khilte hain baharon ka samaa hota hai,
Aise mausam mein hi toh pyaar jawan hota hai,
Dil ki baaton ko hothon se nahi kehte,
Yeh fasaana toh nigaahon se bayaan hota hai
Aise mausam mein hi toh pyaar jawan hota hai,
Dil ki baaton ko hothon se nahi kehte,
Yeh fasaana toh nigaahon se bayaan hota hai
जो मिल गया हे
उसे मुकदर समझो.....
खुद को वक्त का सिकंदर समझो....
किस लिए डरते हो
वक्त की तूफाने से
सब को लहर
और
खुद को समंदर समझो
उसे मुकदर समझो.....
खुद को वक्त का सिकंदर समझो....
किस लिए डरते हो
वक्त की तूफाने से
सब को लहर
और
खुद को समंदर समझो
Maangi Thi Dua Ham Ne Apne Rab Se
Dena Hamen Wo Dost Jo Ho Alag Sab Se
Rab Ne Mila Diya Hamen Aap Se Aur Kaha,
Khyal Rakhna Es Ka Ye ANMOL Hai Sab Se
Dena Hamen Wo Dost Jo Ho Alag Sab Se
Rab Ne Mila Diya Hamen Aap Se Aur Kaha,
Khyal Rakhna Es Ka Ye ANMOL Hai Sab Se
हमेशा हुए देख कर मुझको बेरहम..
किसी दिन जरा मुस्कुरा कर तो देखो...!
सताते हो दिन रात जिस तरह मुझको..
किसी गैर को सता कर तो देखो.....
किसी दिन जरा मुस्कुरा कर तो देखो...!
सताते हो दिन रात जिस तरह मुझको..
किसी गैर को सता कर तो देखो.....
दिल के जज्बातों से !
" अच्छी सूरत को संभालने की क्या जरूरत
सादगी में भी 'कयामत' की अदा होती हैं
" अच्छी सूरत को संभालने की क्या जरूरत
सादगी में भी 'कयामत' की अदा होती हैं
Na samajh to vo na the itna.....
Ki Pyaar ko hamare samajh na sake.....
Paish kiya dard-A-Dil ham ne nagmon main.....
Usse vo sirf sher samajh baithe
Ki Pyaar ko hamare samajh na sake.....
Paish kiya dard-A-Dil ham ne nagmon main.....
Usse vo sirf sher samajh baithe
Tere sheher me aake benaam se ho gayi
Teri chahat me apni muskaan hi kho gaye
Jo dube teri mohabbat me aise dube ke
jaise teri aashiqui ke gulaam hi ho gaye
Teri chahat me apni muskaan hi kho gaye
Jo dube teri mohabbat me aise dube ke
jaise teri aashiqui ke gulaam hi ho gaye
Voh Aya He Mehfil Main Mgar Shoq Se Naheen,
Voh Betha He Pas Mere Mgr Dil Se Naheen,
Kaun Kehta Hain voh Pyar Naheen Karta,
Karta To Hain Magr Afsos mujhse Se Naheen
Voh Betha He Pas Mere Mgr Dil Se Naheen,
Kaun Kehta Hain voh Pyar Naheen Karta,
Karta To Hain Magr Afsos mujhse Se Naheen
Wada karte hain dosti nibhayenge
Koshish yahi rahegi tujhe na satyaenge
Zarurat pade toh dil se pukarana
Mar bhi rahe honge to mohlat lekar aayenge!!
Koshish yahi rahegi tujhe na satyaenge
Zarurat pade toh dil se pukarana
Mar bhi rahe honge to mohlat lekar aayenge!!
Jo Waada Kiya Hai Wo Nibhana Hoga,
Ek Din Laut Kar unhe bhi Aana Hoga,
Dil Todkar Muskura Rahe Hai jo Aaj,
Dekhna Ek Din unhe Bhi bohat Pachtana Hoga.
Ek Din Laut Kar unhe bhi Aana Hoga,
Dil Todkar Muskura Rahe Hai jo Aaj,
Dekhna Ek Din unhe Bhi bohat Pachtana Hoga.
Jaane kyun har achcha lamhaa pal
mein guzar kar yaadon mein samaa jata hai,
phir inn nazraano ko mann mein basa kar
ek nayi kahaani bana jata hai,
kyun iss kitaab ke har panne par
tera naam likha jata hai,
aankhon ki bhi kya galti hai
jab dard seedhe dil se nikal bahar aata hai.
mein guzar kar yaadon mein samaa jata hai,
phir inn nazraano ko mann mein basa kar
ek nayi kahaani bana jata hai,
kyun iss kitaab ke har panne par
tera naam likha jata hai,
aankhon ki bhi kya galti hai
jab dard seedhe dil se nikal bahar aata hai.
पास आकर सभी दूर चले जाते हैं,
हम अकेले थे अकेले ही रह जाते हैं,
दिल का दर्द किससे दिखाए,
मरहम लगाने वाले ही ज़ख़्म दे जाते हैं
हम अकेले थे अकेले ही रह जाते हैं,
दिल का दर्द किससे दिखाए,
मरहम लगाने वाले ही ज़ख़्म दे जाते हैं
Tanhai jab muqaddar mein likhi hai,
to kya shikayat apno aur baygano se,
hum mit gaye jin ki chahat main,
woh baaz nahi aate hamain azmane se,
to kya shikayat apno aur baygano se,
hum mit gaye jin ki chahat main,
woh baaz nahi aate hamain azmane se,



जब सावन घन सघन बरसते
इन आँखों की छाया भर थे
सुरधनु रंजित नवजलधर से-
भरे क्षितिज व्यापी अंबर से
मिले चूमते जब सरिता के
हरित कूल युग मधुर अधर थे
प्राण पपीहे के स्वर वाली
बरस रही थी जब हरियाली
रस जलकन मालती मुकुल से
जो मदमाते गंध विधुर थे
चित्र खींचती थी जब चपला
नील मेघ पट पर वह विरला
मेरी जीवन स्मृति के जिसमें
खिल उठते वे रूप मधुर थे