Title - Thake paon (थके पांव ) Author - Bhagwaticharan Verma ISBN-10 : 8180315673 ISBN-13 : 9788180315671 Publisher - Lokbharti Prakashan Publication date - 1 January 2011 Pages count : 128 Format : Hardcover Description : प्रस्तुत उपन्यास ‘थके पाँव’ सामाजिकता, बौद्धिकता और भावनात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। भगवती चरण वर्मा हिन्दी जगत के जाने माने विख्यात उपन्यासकार हैं। आपके सभी उपन्यासों में एक विविधता है। हास्य व्यंग्य, समाज, मनोविज्ञान और दर्शन सभी विषयों पर उपन्यास लिखे हैं। कवि और कथाकार होने के कारण वर्माजी के उपन्यासों में भावनात्मक और बौद्धिकता का सामंजस्य मिलता है। वर्माजी के उपन्यासों को पढ़ते समय यह सदा ध्यान रखना चाहिये कि वे मूलत: एक छायावादी और प्रगतिवादी कवि हैं और उनके कथा साहित्य में कविता की भावना की प्रधानता बौद्धिक यथार्थ से कभी अलग नहीं होती। उपन्यासों के अब तक परम्परागत शिथिल और बने-बनाये रूप-विन्यास और कथन शैली की नयी शक्ति और सम्पन्नता ही नहीं वरन कथावस्तु का नया विस्तार भी मिला। Language : Hindi Cover link : https://amzn.in/d/0cefchB8
Author - Bhagwaticharan Verma
ISBN-10 : 8180315673
ISBN-13 : 9788180315671
Publisher - Lokbharti Prakashan
Publication date - 1 January 2011
Pages count : 128
Format : Hardcover
Description : प्रस्तुत उपन्यास ‘थके पाँव’ सामाजिकता, बौद्धिकता और भावनात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
भगवती चरण वर्मा हिन्दी जगत के जाने माने विख्यात उपन्यासकार हैं। आपके सभी उपन्यासों में एक विविधता है। हास्य व्यंग्य, समाज, मनोविज्ञान और दर्शन सभी विषयों पर उपन्यास लिखे हैं। कवि और कथाकार होने के कारण वर्माजी के उपन्यासों में भावनात्मक और बौद्धिकता का सामंजस्य मिलता है। वर्माजी के उपन्यासों को पढ़ते समय यह सदा ध्यान रखना चाहिये कि वे मूलत: एक छायावादी और प्रगतिवादी कवि हैं और उनके कथा साहित्य में कविता की भावना की प्रधानता बौद्धिक यथार्थ से कभी अलग नहीं होती। उपन्यासों के अब तक परम्परागत शिथिल और बने-बनाये रूप-विन्यास और कथन शैली की नयी शक्ति और सम्पन्नता ही नहीं वरन कथावस्तु का नया विस्तार भी मिला।
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