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“और इज्ज़त भी कमाल की चीज है!
उसके छोड़ जाने मात्र से लुट जायेगी, यह मालूम नहीं था,”
― Betarteeb Panne
उसके छोड़ जाने मात्र से लुट जायेगी, यह मालूम नहीं था,”
― Betarteeb Panne
“अन्दर झाँक कर देखो कहीं यह तुम्हारी पराजय की टीस तो नहीं है. तुम्हारा अहंकार कि केवल तुम सही हो और बाकी सब गलत – इसी अहंकार को पहुँचे ठेस का दर्द तो नहीं.” “बाबा”
― 9 November
― 9 November
“और एक बात जो पहले कही थी – परेशान मत हुआ करो.... समय कभी भी कम नहीं होता. तुम्हें तुम्हारे हिस्से का समय जरुर मिलेगा !”
― 9 November
― 9 November
“अंधकार को दूर करने के लिए अँधेरे से लड़ने की कोई जरुरत नहीं होती; बस रोशनी लानी होती है और जब लड़ाई नहीं होगी तो मन में कोई अवसाद नहीं होगा. साथ ही जब कोई लड़ाई ही नहीं रहेगी तो किसी के पक्ष में खड़े होने, विपक्ष में रहने या मूक साक्षी बने रहने से क्या फर्क पड़ता है. रोशनी लाने हेतु जिस दीप को जलाया जाता है, वह दीप जलता रहता है....”
― 9 November
― 9 November
“पच्चीस साल के एक नौजवान को लोगों ने बाबा कहना शुरू कर दिया था क्योंकि उस नौजवान की विशालता में लोगों ने अपना आश्रय ढूंढा था. समय के साथ अपनी विशालता और दूसरों को आश्रय देने के अहंकार ने उसे ‘मालिक’ बना दिया, उसे पता भी नहीं चला.”
― 9 November
― 9 November
Garima’s 2025 Year in Books
Take a look at Garima’s Year in Books, including some fun facts about their reading.
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