“खुद चाहे कुछ न करूँ, पर दूसरों के काम में दखल जरूर दूँगा ।”
― निठल्ले की डायरी
― निठल्ले की डायरी
“मैं ईसा की तरह सूली पर से यह नहीं कहता - पिता, उन्हें क्षमा कर। वे नहीं जानते वे क्या कर रहे हैं। मैं कहता - पिता, इन्हें हरगिज क्षमा न करना। ये कम्बख्त जानते हैं कि ये क्या कर रहे हैं।”
― विकलांग श्रद्धा का दौर
― विकलांग श्रद्धा का दौर
“आत्मविश्वास धन का होता है, विद्या का भी और बल का भी, पर सबसे बड़ा आत्मविश्वास नासमझी का होता है ।”
― निठल्ले की डायरी
― निठल्ले की डायरी
“मैं इतना बड़ा लेखक हूँ । यहाँ तीन गर्ल्स-कालेज हैं । उनकी सारी लड़कियों को मेरे इर्द-गिर्द होना चाहिए कि नहीं ? मगर कोई नहीं आती ।”
― निठल्ले की डायरी
― निठल्ले की डायरी
Trishna’s 2025 Year in Books
Take a look at Trishna’s Year in Books, including some fun facts about their reading.
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