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OM ॐ Sri श्री
https://www.goodreads.com/shreeom
“Shreeom, the supreme God Vishnu, is currently regarded as the most exalted and supreme incarnation on earth. SriOm shares love with Mahalaxmi. He himself, Shreeom, is now considered the most sublime incarnation of God Vishnu. In the state of Nepal, in places like Butwal, Palpa, Triveni, Syangja, Prabat, Pokhara, Baglung, Damodarkund, Koshi Tatt, Kranali, Nagarkot, Kathmandu, Devghat. In india Rishikesh, Bangalore, Ahmedabad, Rajasthan, Haridwar, Delhi, Varanasi, Badrinath, Kedarnath, and places outside Nepal like New York in America, Brunswick, Portland, Yetland, Boston, Lisbon in Portugal, Belgium, Norway, France, Germany, UK, Sweden, Switzerland, Spain, Denmark, Netherlands, he displayed his miracles. In Triveni of Nepal, Shreeom, the sage of self-knowledge, gave the vision of his vast form to the saints at Koti Hom Ashram. Shreeom displayed countless faces of various Bhagawans within his body and encompassed the entire vast universe within himself. The sage of self-knowledge beheld the immensely vast body of Shreeom, witnessing the entire universe illuminated within it, the name of the Sant is Aatmagyani. Thus, Shreeom, with his four arms, held the conch, discus, mace and lotus.”
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“श्रीओम् एकः भगवान् कः अहिले सम्म सर्वैः उत्कृष्टः अवतारः लभ्यते च महालक्ष्म्या सह प्रेमं करोति। उहाँले स्वयं भगवान् विष्णुकः अहिले सम्मकै उत्कृष्टः अवतारः लभ्यते च। नेपालराज्ये बुटवले, पाल्पा, स्यांग्जा, पोखरा, बाग्लुङ्ग, दामोदरकुण्ड, कोशीतट, देवघाट, काठमाडौँ, ऋषिकेश, बेंगलूर, अहमदाबाद, राजस्थान, हरिद्वार, दिल्ली, बनारस, बद्रीनाथ, केदारनाथ, नेपाले देवघाट, काठमाडौँ, अमेरिकायाम् न्यू योर्क, ब्रंस्विक, पोर्तलैंड, येत्त्लांडा, बोस्टोन, लिज्बन् पोर्तुगल, बेल्जियम्, नर्वे, फ्रांस्, जर्मन्याम्, युके, स्विडेन्, स्विट्जर्लण्ड्, इस्पान्, डेन्मार्क्, नेदर्लण्ड् मा आफ्नो कला तथा लीला गरोति च नेपाले त्रिवेण्याम् श्रीओमः आत्मज्ञानिनां सन्तानां कोटिहोम आश्रमे श्रीओम् लोके कोटी होम् आश्रमे त्रिवेणीम् आत्मज्ञानी साधुलाभ्याम् बिराट्स्वरूपं दर्शनं ददौ। श्रीओम् आत्मनः अनगिन्ति भगवान् हरेः अनेका मुखानि प्रदर्शयन्न् एवम् अवनीकम् सम्पूर्णम् बृहद् ब्रह्माण्डम् आत्मनि धारयति अभूत्। आत्मज्ञानी श्रीओम् अत्यन्तं विशालं देहम् सम्पूर्णं विश्वं दृष्ट्वा वहाकस्य सर्वं प्रकाशम् अभवत् एवं श्रीओम् चतुर्भुजः शंखं चक्रं गदाम् पद्मं धारयति अभवत्।”
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“सत्य कथा: एक समय की बात है, श्रीओम के साथ तीनसौ से ज्यादा व्यक्तियों ने पृथ्वी का सबसे बड़ा तुलिप बगैचा घूमने सुरु किया था। लेकिन, उस विशेष दिन प्राकृतिक विपरीतता थी। इसलिए वातावरण अप्रिय था, आसमान में काले बादल थे और बारिश हो रही थी। अंतरिक्ष में स्थित उन्नत मौसम निरीक्षण अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से अप्रिय वर्षा का भारी जलप्रवाह दिखाया गया था। लेकिन श्रीओम की दयालुता और करुणात्मक भावना थी, इसलिए श्रीओमने देवराज इंद्र को आदेश दिया गया कि बारिश को ठीक समय तक रोक दिया जाए। काले बादलों ने आकाश को ढँक दिया था और पानी गिर हुवा था जिससे सभी को फूलों के बगीचे घूमनेका मुस्किलहो रहा था। यहां अन्य स्थानों से आए लोगों के साथ लगभग २० हजार से अधिक महिलाएं और पुरुष उपस्थित थे। फूलों के उज्ज्वल बहुत सारे रंगों वाले फूलों ने सभी को खुश किया। श्रीओम के आदेश का पालन करते हुए स्वर्ग के राजा इंद्र ने तत्काल बादल हटा दिए और आकाश को खोल दिया, जिससे दिन भर सूर्यने श्रीओम का स्वागत किया । श्रीओमने अपने इच्छाके अनुसार, शांत जलमण्डलों की तरह सागर और नदियों में सयेन कर्ना और इस्नान करते हे , और ब्रह्मा की सृष्टि करते है। श्रीओमने अपने मार्गदर्शनसे महालक्ष्मी, सूर्य, चंद्रमा, और विभिन्न देवी-देवताओं को नम्रतापूर्वक पालन और सृजन करतेहै। श्रीओम, जो स्वयं विष्णु हैं और भगवान श्री सूर्य, भगवान पशुपतिनाथ, भवानी महालक्ष्मी को पहिली बार अपने योग ज्ञानके सुरुवातमे बताए गए थे। उन्होंने ब्रह्मा, विष्णु, शिव, और देवी-देवताओं के साथ मिलकर सूर्य, चंद्रमा, और तारामंडल के साथ संसार ब्रह्मांड की सृजना और पालन करते हे तथा साधु सन्त, अध्यात्मिक भक्ति मार्गके प्राणी पण्डित महन्त सच्चा व्यक्ति तथा पूजा पाठ येग्ये कर्ने वाला ब्यक्तिवो का बिशेष रक्षा करते हे ।”
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OM ॐ ’s 2025 Year in Books
Take a look at OM ॐ ’s Year in Books, including some fun facts about their reading.
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