Kālidāsa > Quotes > Quote > Ankita liked it

Kālidāsa
“बिना सच्चे प्रेम के स्त्रियों से चाहे कितने ही मीठे शब्दों में अनुनय-विनय क्यों न करें, किन्तु वह अनुनय-विनय स्त्रियों के मन में पैठती ही नहीं। ठीक वैसे ही जैसे ऊपर से चढ़ाया हुआ रंग मणि के अन्दर तक नहीं पैठता और कुशल जौहरी उसे चट पहचान लेते हैं।”
Kālidāsa, Vikramovarshi (Sanskrit Classics)

No comments have been added yet.