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“करोंदे की झाड़ी दोहद के बाद खिला अशोक बनना चाहती है...”
― MUJHE CHAND CHAHIYE
― MUJHE CHAND CHAHIYE
“महानगर से जब कोई युवा प्राध्यापिका आती है, तो अपने साथ कई संक्रामक बीमारियों के कीटाणु लेकर आती है!”)”
― MUJHE CHAND CHAHIYE
― MUJHE CHAND CHAHIYE
“जैसे तस्कर सोना और रुपयों का लेन-देन करने से पहले चिन्ह स्वरूप दिये गये एक नोट के दो फटे टुकड़ों को जोड़ कर देखते हैं, उसी तरह उसने जिज्जी के साथ की पहले की कटी हुई अंतरंगता के रोयें-रेशे जोड़कर देखें, पर वे मिले नहीं।”
― MUJHE CHAND CHAHIYE
― MUJHE CHAND CHAHIYE
“पुस्तकें हमारी सच्ची साथी हैं। संबंधियों और मित्रों से हमारे रिश्ते खराब हो जा सकते हैं, पर पुस्तकों से कभी नहीं। यह साधक और साध्य का नाता है, क्योंकि हर पुस्तक अपने आप में संचित ज्ञान-एकांश या अनुभव-मंजूषा”
― MUJHE CHAND CHAHIYE
― MUJHE CHAND CHAHIYE
“थ्री ईयर्स शी ग्रियु इन सन एंड शॉवर दैन नेचर सैड, ए लवलियर फ्लॉवर ऑन अर्थ वाज़ नेवर सीन...”
― MUJHE CHAND CHAHIYE
― MUJHE CHAND CHAHIYE
“हर व्यक्ति के साथ कितना कुछ गोपनीय होता है। सतह के ऊपर किसी से मिलते हुए, उसके बारे में बहुत कुछ जानते हुए भी हम उसके अंतर्मन के गहन कोनों से कितने अनजान रहते हैं, और हमें इसका भान भी नहीं होता।”
― MUJHE CHAND CHAHIYE
― MUJHE CHAND CHAHIYE
“पुस्तकें हमारी सच्ची साथी हैं। संबंधियों और मित्रों से हमारे रिश्ते खराब हो जा सकते हैं, पर पुस्तकों से कभी नहीं। यह साधक और साध्य का नाता है, क्योंकि हर पुस्तक अपने आप में संचित ज्ञान-एकांश या अनुभव-मंजूषा है।”
― MUJHE CHAND CHAHIYE
― MUJHE CHAND CHAHIYE
“जब तुम्हारे अधरों पर मेरा नाम आयेगा सौम्यमुद्रा, तो मैं समझूंगा कि मेरे तप्त होंठों ने तुम्हारे रसभरे अधरों का चुंबन लिया है’,”
― MUJHE CHAND CHAHIYE
― MUJHE CHAND CHAHIYE




