Mahendra Mittal
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“इस पृथ्वी लोक में दिखाई देने वाली प्रत्येक वस्तु सच्चिदानंद स्वरूप, निर्विकार एवं सनातन ब्रह्मरूप है। वह अद्वितीय परमात्मा ही सगुण रूप में शिव कहलाए और दो रूपों में प्रकट हुए। वे शिव ही पुरुष रूप में शिव एवं स्त्री रूप में शक्ति नाम से प्रसिद्ध हुए।”
― शिव पुराण
― शिव पुराण
“उनके क्रोध से तत्काल ही एक पुरुष उत्पन्न हो गया, उसका नाम भैरव था। भगवान शिव ने उस पुरुष को आदेश देते हुए कहा—हे कालराज! तुम साक्षात काल के समान हो। इसलिए आज से तुम जगत में काल भैरव के नाम से विख्यात होगे। तुम ब्रह्मा पर शासन करो और उनके गर्व को नष्ट करो तथा इस संसार का पालन करो। आज से मैं तुम्हें काशीपुरी का आधिपत्य प्रदान करता हूं।”
― शिव पुराण
― शिव पुराण
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