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आदमी की संकल्प-शक्ति दृढ़ होनी चाहिए, ऐसी दृढ़ की बस फ़ौलाद!
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अछूत एक प्रकार के दुपाये का नाम है जिसे लोग संविधान लागू होने से पहले छूते नहीं थे। संविधान एक कविता का नाम है जिसके अनुच्छेद १७ में छुआछूत ख़त्म कर दी गयी है क्योंकि इस देश में लोग कविता के सहारे नहीं, बल्कि धर्म के सहारे रहते हैं
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![गोदान [Godaan]](https://i.gr-assets.com/images/S/compressed.photo.goodreads.com/books/1205467570l/694226.jpg)
















