Chanchal > Chanchal's Quotes

Showing 1-1 of 1
sort by

  • #1
    “बादशाहों की मुअत्तर ख्वाबगाहों में कहाँ
    वह मजा जो भीगी-भीगी घास पर सोने में है,
    मुतमइन बेफिक्र लोगों की हँसी में भी कहाँ
    लुत्फ़ जो एक-दूसरे को देख कर रोने में है।”
    Dharamvir Bharati, गुनाहों का देवता



Rss