John

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“सोच के की गई मोहब्बत-मोहब्बत नहीं होती,
और तुम मोहब्बत में उसके सिवा किसी को सोच सको तो ऐसे ही मोहब्बत नहीं होती ।।”
Nikhil Kaithwar

“कितनो को मोहब्बत है तुमसे हम किस को अपना रकीब बताए,
और तुम्हें खोने से डरते है हम तुम हो नहीं हमारे,
तुमसे कितनी मोहब्बत है तुम्हें कैसे बताए ।।”
Nikhil Kaithwar

“कुछ तो कमी है खुदा में भी "कुनाल",
इतने लोगो की दुआओ में बस मेरी एक रह गई ”
Nikhil Kaithwar

“भूलने को सोचा उन्हें पर भूल कहा पा रहे है,
हवाओं में उनकी खुशबू फैली हुई है,
अब क्या सांस लेना छोड़ दे ।।”
Nikhil Kaithwar

“मुझे पढ़कर अब इन लोगो को मुझसे हमदर्दी होती है,
मोहब्बत तुमसे की है हमने हम पर कुछ तो तरस खाया करो ।।”
Nikhil Kaithwar

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