“तुझसे मोहब्बत करके मोहब्बत छोड़ देना,
और फिर मोहब्बत करना कैसा है ।।
अच्छा वह सब तो ठीक है ये बताओ,
घूट - घुट के जीने से मरना कैसा है ।।”
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और फिर मोहब्बत करना कैसा है ।।
अच्छा वह सब तो ठीक है ये बताओ,
घूट - घुट के जीने से मरना कैसा है ।।”
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“सोच के की गई मोहब्बत-मोहब्बत नहीं होती,
और तुम मोहब्बत में उसके सिवा किसी को सोच सको तो ऐसे ही मोहब्बत नहीं होती ।।”
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और तुम मोहब्बत में उसके सिवा किसी को सोच सको तो ऐसे ही मोहब्बत नहीं होती ।।”
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“अब तमन्ना नहीं रही मोहब्बत की,
तुम्हारे बिन अब दिल नहीं लगता ।।
रात की बात क्या करे हम ,
हमारा तो दिन में भी दिल नहीं लगता ।।”
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तुम्हारे बिन अब दिल नहीं लगता ।।
रात की बात क्या करे हम ,
हमारा तो दिन में भी दिल नहीं लगता ।।”
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“मोहब्बत है तुमसे बना ले मुझे अपना”
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“कुछ तो कमी है खुदा में भी "कुनाल",
इतने लोगो की दुआओ में बस मेरी एक रह गई ”
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इतने लोगो की दुआओ में बस मेरी एक रह गई ”
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Rahul’s 2025 Year in Books
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